इस तीन घंटे के अभियान में लघु सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। सुबह 7 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में परिसर की सड़कों, पार्किंग स्थलों और कार्यालयों की गहन सफाई की गई। इस दौरान सभी विभागों ने अपने-अपने कार्यस्थलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सक्रिय योगदान दिया।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि इसे हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने घर और आसपास के क्षेत्र की सफाई के लिए हर दिन कम से कम 10 मिनट समर्पित करने चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस 11 सप्ताह के अभियान में सरकारी और निजी कार्यालयों में सफाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों पर रंगाई-पुताई का काम भी प्राथमिकता से पूरा करवाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ाना और गुरुग्राम को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक बनाना है।
इस अभियान में एक खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में सराही गई भिवानी के दुल्हेड़ी गांव की युवा समिति ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समिति के 50 युवाओं ने, पवन सैनी के नेतृत्व में, श्रमदान में भाग लिया और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। डीसी अजय कुमार ने इन युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा हैं।
इस कार्यक्रम में एसडीएम परमजीत चहल, सीटीएम सपना यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। यह पहल दिखाती है कि गुरुग्राम एक सामूहिक प्रयास के साथ स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।